tag:blogger.com,1999:blog-2806191542948835941.post-74062787178825845792007-12-06T14:07:00.000+05:302007-12-06T14:07:00.000+05:302007-12-06T14:07:00.000+05:30इस सुंदर प्रयास के लिए बधाई, श्रीकांत जी और शोभा ज...इस सुंदर प्रयास के लिए बधाई, श्रीकांत जी और शोभा जी को, पर अभी expressions में सुधार की और गुंजाइश है, दोनों पात्रों के लिए कह रहा हूँ, श्रीकांत जी जब आप अपनी पत्नी का जिक्र करते हैं तब भाव बिल्कुल लुप्त हो जाते हैं, वैसे एक आध जगहों को छोड़ दिया जाए पर आपने कमान अच्छी संभाली है, शोभा जी आपको भी agli बार और बेहतरी की उम्मीद रहेगी <BR/>सूरज जी कहानी तो हम सब पहले ही पढ़ चुके हैं, सुनकर और भी आनंद आया, अब यह सिलसिला रुकना नही चाहिएसजीव सारथीhttp://www.blogger.com/profile/08906311153913173185noreply@blogger.com