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जाने कहाँ गए वो दिन कहते थे तेरी राहों में....वाकई कहाँ खो गए वो दिन, वो फनकार - Sajeev

लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया...राज का अभिनय अपने चरम पे था इस फिल्म में - Sajeev

मुड़ मुड़ के न देख मुड़ मुड़ के...सफलता की राह में मुड़ कर न देखा राज ने कभी पीछे - Sajeev

ओ बसन्ती पवन पागल न जा रे न जा रोको कोई...मगर रोक न पायी कोई सदा राज को जाने से - Sajeev

जिंदगी ख्वाब है....राज कपूर ने जिसे जिया एक सिल्वर स्क्रीन ख्वाब की तरह - Sajeev

आवारा हूँ...या गर्दिश में हूँ आसमान का तारा हूँ....कभी कहा था खुद राज कपूर ने - Sajeev

छोड़ गए बालम मुझे हाय अकेला छोड़ गए....एक टीस सी छोड़ जाता है "बरसात" का ये गीत - Sajeev

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