Tuesday, December 4, 2007

हिन्द-युग्म की आवाज़ें सुनना हुआ आसान

हिन्द-युग्म के पाठकों की यह शिकायत थी कि माईपॉडकास्ट डॉट कॉम का सरवर बहुत स्लो है, इसलिए सभी आसानी से नहीं सुन पाते हैं। कई श्रोताओं को वहाँ कमेंट करने में भी परेशानी आती थी। हिन्द-युग्म के पॉडकास्ट का ब्लॉग भी सभी एग्रीगेटर पर १२ घण्टे के पीछे के समय पर दिखता था, इसलिए भी नये पाठकों को परेशानी होती थी। इसलिए यह निर्णय लिया गया कि नया ब्लॉग बनाया जाय। हम आडियो को भलें ही कहीं और अपलोड करें लेकिन सुनने की सुविधा और सूचना अपने श्रोताओं को इसी मंच के ज़रिये दें तो बेहतर होगा।

इसलिए यह प्रयास किया जा रहा है। इसके नियंत्रण की जिम्मेदारी हमारे पुराने आवाज़ विकास कुमार, सजीव सारथी, श्रीकांत मिश्र 'कांत' और शोभा महेन्द्रू सम्हालेंगे।

इस ब्लॉग पर हिन्द-युग्म के कविताएँ, कहानियाँ, बाल रचनाएँ, संगीतबद्ध गीत आदि प्रसारित होंगे।

यदि आप भी इस प्रयास से जुड़ना चाहते हैं तो कृपया यहाँ देखें।


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2 श्रोताओं का कहना है :

मनोहर लाल रत्नम का कहना है कि -

Hardik Badhai, Hindi Yugam Par Yeh Dek Mujeh Aacha Laga.
Dhanyavad

DrPCVerma का कहना है कि -

Hind-yugm ki awajen sun kar mujhe bahut hi achha laga Holi ke subh avsar par aap sabhi ko meri shubhkamnayen.

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