Sunday, February 27, 2011

सुर संगम में आज - परवीन सुल्ताना की आवाज़ का महकता जादू



सुर संगम - 09 - बेगम परवीन सुल्ताना

अपने एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि जितना महत्वपूर्ण एक अच्छा गुरू मिलना होता है, उतना ही महत्वपूर्ण होता है गुरू के बताए मार्ग पर चलना। संभवतः इसी कारण वे कठिन से कठिन रागों को सहजता से गा लेती हैं, उनका एक धीमे आलाप से तीव्र तानों और बोल तानों पर जाना, उनके असीम आत्मविश्वास को झलकाता है, जिससे उस राग का अर्क, उसका भाव उभर कर आता है। चाहे ख़याल हो, ठुमरी हो या कोई भजन, वे उसे उसके शुद्ध रूप में प्रस्तुत कर सबका मन मोह लेती हैं।


सुर-संगम की इस लुभावनी सुबह में मैं सुमित चक्रवर्ती आप सभी संगीत प्रेमियों का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। हिंद-युग्म् के इस मंच से जुड़ कर मैं अत्यंत भाग्यशाली बोध कर रहा हूँ। अब आप सब सोच रहे होंगे कि आज 'सुर-संगम' सुजॉय जी प्रस्तुत क्यों नही कर रहे। दर-असल अपने व्यस्त जीवन में समय के अभाव के कारण वे अब से सुर-संगम प्रस्तुत नहीं कर पाएँगे। परन्तु निराश न हों, वे 'ओल्ड इज़ गोल्ड' के ज़रिये इस मंच से जुड़े रहेंगे। ऐसे में उन्होंने और सजीव जी ने 'सुर-संगम' का उत्तरदायित्व मेरे कन्धों पर सौंपा है। आशा है कि मैं उनकी तथा आपकी आशाओं पर खरा उतर पाऊँगा। 'सुर संगम' के आज के इस अंक में हम प्रस्तुत कर रहे हैं एक ऐसी शिल्पी को जिनका नाम आज के सर्वश्रेष्ठ भारतीय शास्त्रीय गायिकाओं में लिया जाता है। इन्हें पद्मश्री पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की शिल्पी होने का गौरव प्राप्त है। जी हाँ, मैं बात कर रहा हूँ सुर-साम्राज्ञी बेगम परवीन सुल्ताना की। आइए उनके बारे में और जानने से पहले सुनते हैं राग भैरवी पर आधारित, उन्हीं की आवाज़ व अन्दाज़ में यह भजन जिसके बोल हैं - "भवानी दयानी"।

भजन: भवानी दयानी - राग भैरवी


परवीन सुल्ताना का जन्म असम के नौगाँव शहर में हुआ और उनके माता-पिता का नाम मारूफ़ा तथा इक्रमुल मज़ीद था| उन्होंने सबसे पहले संगीत अपने दादाजी मोहम्मद नजीफ़ ख़ाँ साहब तथा पिता इक्रमुल से सीखना शुरू किया| पिता और दादाजी की छत्रछाया ने उनकी प्रतिभा को विकसित कर उन्हें १२ वर्ष कि अल्पायु में ही अपनी प्रथम प्रस्तुति देने के लिये परिपक्व बना दिया। उसके बाद वे कोलकाता में स्वर्गीय पंडित्‍ चिनमोय लाहिरी के पास संगीत सीखने गयीं तथा १९७३ से वे पटियाला घराने के उस्ताद दिलशाद ख़ाँ साहब की शागिर्द बन गयीं| उसके २ वर्ष पश्चात् वे उन्हीं के साथ परिणय सूत्र में बँध गयीं और उनकी एक पुत्री भी है| उस्ताद दिल्शाद ख़ाँ साहब की तालीम ने उनकी प्रतिभा की नीव को और भी सुदृढ़ किया, उनकी गायकी को नयी दिशा दी, जिससे उन्हें रागों और शास्त्रीय संगीत के अन्य तथ्यों में विशारद प्राप्त हुआ। जीवन में एक गुरू का स्थान क्या है यह वे भलि-भाँति जानती थीं। अपने एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि जितना महत्वपूर्ण एक अच्छा गुरू मिलना होता है, उतना ही महत्वपूर्ण होता है गुरू के बताए मार्ग पर चलना। संभवतः इसी कारण वे कठिन से कठिन रागों को सहजता से गा लेती हैं, उनका एक धीमे आलाप से तीव्र तानों और बोल तानों पर जाना, उनके असीम आत्मविश्वास को झलकाता है, जिससे उस राग का अर्क, उसका भाव उभर कर आता है। चाहे ख़याल हो, ठुमरी हो या कोई भजन, वे उसे उसके शुद्ध रूप में प्रस्तुत कर सबका मन मोह लेती हैं। आइये अब सुनते हैं उनकी आवाज़ में एक प्रसिद्ध ठुमरी जो उन्होंने हिन्दी फ़िल्म 'पाक़ीज़ा' में गाया था। ठुमरी के बोल हैं - "कौन गली गयो श्याम, बता दे सखी रि"|

ठुमरी: कौन गली गयो श्याम (पाकीज़ा)



सन् १९७२ में पद्मश्री पुरस्कार के अलावा कई अन्य गौरवपूर्ण पुरस्कार बेगम सुल्ताना को प्राप्त हुए - जिनमें 'क्लियोपैट्रा औफ़ म्युज़िक' (१९७०), 'गन्धर्व कालनिधी पुरस्कार' (१९८०), 'मिया तानसेन पुरस्कार' (१९८६) तथा 'संगीत सम्राज्ञी' (१९९४) शामिल हैं। केवल इतना ही नही, उन्होंने फ़िल्मों में भी कई प्रसिद्ध गीत गाए। १९८१ में आई फ़िल्म 'क़ुदरत' में उन्होंने '"हमें तुमसे प्यार कितना'" गाया जिसके लिये उन्हें 'फ़िल्म्फ़ेयर' पुरस्कार से नवाज़ा गया। पंचम दा अर्थात् श्री राहुल देव बर्मन ने जब यह गीत कम्पोज़ किया तभी से उनके मन में विचार था कि इसका एक वर्ज़न बेगम सुल्ताना से गवाया जाये क्योंकि वे स्वयं बेगम सुल्ताना के प्रशंसक थे। उन्होंने इसकी फ़र्माइश उस्ताद दिल्शाद खाँ साहब से की जिस पर बेगम सुल्ताना भी 'ना' नहीं कह सकीं। इस गीत को प्रथम आलाप से ले कर अंत तक बेगम सुल्ताना ने ऐसे अपने अन्दाज़ मे ढाला है, कि सुनने वाला मंत्र-मुग्ध हो जाता है। तो आइये पंचम दा के दिए स्वरों तथा परवीन सुल्ताना जी की तेजस्वी आवाज़ से सुसज्जित इस मधुर गीत का आनंद लेकर हम भी कुछ क्षणों के लिये मंत्र-मुग्ध हो जाएँ।

गीत: हमें तुमसे प्यार कितना (क़ुदरत)


और अब बारी सवाल-जवाब की। जी हाँ, आज से 'सुर-संगम' की हर कड़ी में हम आप से पूछने जा रहे हैं एक सवाल, जिसका आपको देना होगा जवाब तीन दिनों के अंदर इसी प्रस्तुति के टिप्पणी में। 'सुर-संगम' के ५०-वे अंक तक जिस श्रोता-पाठक के हो जायेंगे सब से ज़्यादा अंक, उन्हें मिलेगा एक ख़ास सम्मान हमारी तरफ़ से। तो ये रहा इस अंक का सवाल:

"यह एक साज़ है जिसका वेदों में शततंत्री वीणा के नाम से उल्लेख है। इसकी उत्पत्ति ईरान में मानी जाती है। इस साज़ को अर्धपद्मासन में बैठ कर बजाया जाता है। तो बताइए हम किस साज़ की बात कर रहे हैं?"

लीजिए, हम आ पहुँचे 'सुर-संगम' की आज की कड़ी की समाप्ति पर, आशा है आपको हमारी यह प्रस्तुति पसन्द आई होगी। आप अपने विचार व सुझाव हमें लिख भेजिए oig@hindyugm.com के ईमेल आइ.डी पर। आगामि रविवार की सुबह हम पुनः उपस्थित होंगे एक नई रोचक कड़ी के साथ, तब तक के लिए अपने नए मित्र सुमित चक्रवर्ती को आज्ञा दीजिए, नमस्कार!

प्रस्तुति- सुमित चक्रवर्ती



आवाज़ की कोशिश है कि हम इस माध्यम से न सिर्फ नए कलाकारों को एक विश्वव्यापी मंच प्रदान करें बल्कि संगीत की हर विधा पर जानकारियों को समेटें और सहेजें ताकि आज की पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी हमारे संगीत धरोहरों के बारे में अधिक जान पायें. "ओल्ड इस गोल्ड" के जरिये फिल्म संगीत और "महफ़िल-ए-ग़ज़ल" के माध्यम से गैर फ़िल्मी संगीत की दुनिया से जानकारियाँ बटोरने के बाद अब शास्त्रीय संगीत के कुछ सूक्ष्म पक्षों को एक तार में पिरोने की एक कोशिश है शृंखला "सुर संगम". होस्ट हैं एक बार फिर आपके प्रिय सुजॉय जी.

फेसबुक-श्रोता यहाँ टिप्पणी करें
अन्य पाठक नीचे के लिंक से टिप्पणी करें-

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

48 श्रोताओं का कहना है :

सुजॊय चटर्जी का कहना है कि -

सुमित, बहुत बहुत स्वागत है 'आवाज़' पर। 'सुर संगम' को एक अलग ही मुकाम तक लेकर जा सको, यही मेरी तुम्हारे लिए शुभकामना है।

दोस्तों, इस अंक से 'सवाल जवाब' का सिल्सिला शुरु हो रहा है 'सुर संगम' में भी। ज़रूर भाग लीजिएगा।

सुजॊय

Sajeev का कहना है कि -

सुमित का बहुत बहुत स्वागत हमारे इस संगीतमय परिवार में

Anonymous का कहना है कि -

'सुर संगम' के नए प्रस्तुतकर्ता सुमित जी का हार्दिक स्वागत | इस अंक में परवीन सुल्ताना का चयन अच्छा था | बेगम परवीन की प्रतिभा का जवाब नहीं है | उनकी तीन सप्तकों में ली जाने वाली तानो का तो हर संगीत प्रेमी मुरीद है | नियमित तो नहीं, किन्तु बीच-बीच में मैं इस श्रृंखला में सहयोग देने का प्रयास करूँगा |
इस अंक में वैदिककालीन जिस वाद्ययंत्र- 'शततंत्री वीणा' का उल्लेख करते हुए प्रश्न पूछा गया है उसका उत्तर है- 'संतूर' |
कृष्णमोहन मिश्र, लखनऊ
krishnamohan00@live.com

AVADH का कहना है कि -

शत तंत्री वीणा अर्थात संतूर.
बेगम परवीन सुल्ताना ने संगीतकार जयदेव के निर्देशन में भी फिल्म 'दो बूँद पानी' में भी अपनी आवाज़ दी थी. 'पीतल की मोरी गागरी दिल्ली से मोल मंगाई रे' जिसमें निर्मला आहूजा जी ने भी अपना स्वर दिया था.
अवध लाल

Sujoy Chatterjee का कहना है कि -

Avadh ji, mere khayaal se Do Boond Paani ka woh geet Parveen Sultana aur Minu Purushottam ki aawaazon mein hai, jise hamne OIG ke Sakhi Saheli (Female Duets) shrinkhla mein shaamil kiya tha.

color switch 2 का कहना है कि -

गम सुल्ताना से गवाया जाये क्योंकि वे स्वयं बेगम सुल्ताना के प्रशंसक थे। उन्होंने इसकी फ़र्माइश उस्ताद दिल्शाद खाँ साहब से की जिस पर बेगम सुल्ताना भी 'ना' नहीं कह सकीं। इस गीत को प्रथम आलाप से ले कर अंत

basketball legends का कहना है कि -

Your article is very useful, the content is great, I have read a lot of articles, but for your article, it left me a deep impression, thank you for sharing.

learn more का कहना है कि -

Thank you for sharing this. I love it

website का कहना है कि -

Thanks

visit का कहना है कि -

Thanks for sharing this

auto body repair का कहना है कि -

Visit us if you have a chance

gmmelissa का कहना है कि -

A fun and colorful game is waiting for you ahead, join now !!! game guides

Ian का कहना है कि -

अच्छी साइट, साझा करते रहें
Manassas Tow Truck

Elisa का कहना है कि -

Nice content! - tow truck

Amira का कहना है कि -

अच्छी वेबसाइट!
Springfield Tow Truck

Zach का कहना है कि -

That is a nice information, thank you for this! Alexandria Tow Truck

Kelly का कहना है कि -

ज्ञानवर्धक पोस्ट शेयर करते रहें, बहुत बढ़िया
Woodbridge Tow Truck

Amirr का कहना है कि -

यह एक बहुत अच्छी साइट है Reston Tow Truck

Ailene का कहना है कि -

आपका ब्लॉग बहुत अच्छा है!
towing service

Cyril का कहना है कि -

यह साइट बहुत अच्छी है Chantilly Tow Truck

Carla का कहना है कि -

मुझे यह पेज देखकर खुशी हुई tow truck

Bernard का कहना है कि -

यह पेज बहुत अच्छा है towing service

Hera का कहना है कि -

बहुत बढ़िया पोस्ट, बहुत बढ़िया! tow truck

Max का कहना है कि -

अच्छा विषय towing service

Mae का कहना है कि -

इस पोस्ट को देखकर खुशी हुई tow truck

Roan का कहना है कि -

यह वेबसाइट बढ़िया है towing service

Steff का कहना है कि -

इस पोस्ट के लिए धन्यवाद, मुझे यह पसंद आया। Sterling Tow Truck

Glen Burnie का कहना है कि -

Well written content. Thank you for sharing. tow truck

Middle River का कहना है कि -

I went through this website and found it very impressive. Keep sharing! towing service

Towson का कहना है कि -

This is an interesting article. towing service

Pittsburgh Cleaning Services का कहना है कि -

this is great

Anonymous का कहना है कि -

“Everybody is a genius, but if you judge a fish by it’s ability to climb a tree, it will live it’s whole life thinking it’s stupid.” – Albert Einstein Waste Removal Kingswinford

Anonymous का कहना है कि -

“Be patient with yourself. Self-growth is tender, it’s holy ground. There is no greater investment.” – Stephen Covey Waste Removal Stamford Hill

Anonymous का कहना है कि -

“Knowing is not enough we must apply. Wishing is not enough, we must do.” – Johann Wolfgang Rubbish Removal Brimsdown

Anonymous का कहना है कि -

“Remember, no one can make you feel inferior without your consent.” – Eleanor Rosevelt Specialist Tilers Canary Wharf

Anonymous का कहना है कि -

“What comes easy won’t last and what lasts won’t come easy. Building Surveyor Peckwater estate

Anonymous का कहना है कि -

“Integrity is the most valuable and respected quality of leadership. Always keep your word,” – Brian Tracy Towing Service Faircross

Anonymous का कहना है कि -

“You only fail when you stop trying.” Fence Panels Friern Barnet

Anonymous का कहना है कि -

“We are all broken, that’s how light gets in.” Ernest Hemingway Fence Panels Stoke Newington

Anonymous का कहना है कि -

“Creativity is intelligence having fun.” – Albert Einstein Garden Fence Perivale

Anonymous का कहना है कि -

“The best way to predict the future is to created it.” – Peter Drucker Fence Panels Donside Village

Millan का कहना है कि -

Thank you guys might find this useful post, see this

Furnace Cleaning का कहना है कि -

https://www.reddeerfurnaceductcleaning.ca

Anonymous का कहना है कि -

"Thank you very much for this wonderful topic!

Tree Removal Owenboro

'"


Anonymous का कहना है कि -

"very informative article!!! thank you so much!
"
Tree Service Santa Fe

Anonymous का कहना है कि -

Thank you for this amazing blog!
Concrete Edmonton

Angel17 का कहना है कि -

Thanks for sharing this wonderful blog. Keep posting. DB04820

Anonymous का कहना है कि -

Nice site and blog
Landscaping Hillsboro

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

संग्रहालय

25 नई सुरांगिनियाँ

ओल्ड इज़ गोल्ड शृंखला

महफ़िल-ए-ग़ज़लः नई शृंखला की शुरूआत

भेंट-मुलाक़ात-Interviews

संडे स्पेशल

ताजा कहानी-पॉडकास्ट

ताज़ा पॉडकास्ट कवि सम्मेलन