Tuesday, March 10, 2009

"तुझमें रब दिखता है..." रफीक ने दिया इस गीत को एक नया रंग



युग्म पर लोकप्रिय गीतों का चुनाव जारी है, कृपया इसे अचार संहिता का उल्लंघन न मानें. :) रफीक शेख दूसरे सत्र के गायकों में सबसे अधिक उभरकर सामने आये. अपनी तीन शानदार ग़ज़लों में उन्होंने गजब की धूम मचाई. हालांकि कभी कभार उन पर रफी साहब के अंदाज़ के नक़ल का भी आरोप लगा, पर रफीक, रफी साहब के मुरीद होकर भी अपनी खुद की अदायगी में अधिक यकीन रखते हैं. आप श्रोताओं ने अभी तक उनके ग़ज़ल गायन का आनंद लिया है, पर हम आपको बताते हैं कि रफीक हर तरफ गीतों को गाने की महारत रखते हैं.

आज हम श्रोताओं को सुनवा रहे हैं रफीक के गाया एक कवर वर्ज़न फिल्म "रब ने बना दी जोड़ी" से. गीत है "तुझ में रब दिखता है यारा मैं क्या करुँ...." मूल गीत को गाया है रूप कुमार राठोड ने. रफीक ने इस गीत से साबित किया है कि उनकी रेंज और आवाज़ से वो हर तरह के गानों में रंग भर सकते हैं. तो सुनते हैं रफीक शेख को एक बार फिर एक नए अंदाज़ में -


फेसबुक-श्रोता यहाँ टिप्पणी करें
अन्य पाठक नीचे के लिंक से टिप्पणी करें-

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

11 श्रोताओं का कहना है :

शोभा का कहना है कि -

मेरी पसन्द का गीत सुनवाने के लिए आभार।

सजीव सारथी का कहना है कि -

कभी तो लगा की आपने मूल गायक से भी अच्छा गाया है इसे....आपमें सचमुच बहुत प्रतिभा है रफीक भाई

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

मैंने आपके द्वारा गाया यह गीत जबसे सुना है तबसे यही सोच रहा हूँ कि इस गायक जब सीमित संसाधनों में इतना बढ़िया गाया फिर यदि बॉलीवुड के बाकी गायकों की तरह इसे स्टूडियो मिले तब तो कमाल ही कर देगा। बहुत खूब।

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' का कहना है कि -

गीत सुना, मन झूम उठा, रफीक भाई को अनंत-अशेष शुभ कामनाएँ.

मनोज कुमार सिंह का कहना है कि -

बहुत सुन्‍दर कुछ कह नही सकता आवाज बहुत न्‍यारी है

sumit का कहना है कि -

रफीक जी,
मैने आपकी आवाज मे यहाँ पर पहले भी गजल और नज्म सुनी है, मुझे लगता था आप सिर्फ उसी तरह के गीतो को निभा सकते हो, पर इसे सुनकर मेरा भ्रम टूट गया, बहुत ही अच्छी तरह निभाया आपने ये गीत

गीत सुनकर मजा आ गया
सुमित भारद्वाज

RAFIQUE SHAIKH का कहना है कि -

thanks all of you.
maine koshish ki hai achcha gaaneki.

RAJNISH PARIHAR का कहना है कि -

very nice song....

Deep का कहना है कि -

bahut khoobsurat awaaz bakhshi hai aapko ishwar ne..
aur aapne jis andaaz mein gaaya hai, sach original se bhi better hai.

badhai

अमित तिवारी का कहना है कि -

मैं इस गाने को सुन नहीं पा रहा हूँ. सभी ब्राउसर में कोशिश कर ली.

अमित तिवारी का कहना है कि -

शायद यह गाना सर्वर पर नहीं है. Admin कृपया देखेंगे

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

संग्रहालय

25 नई सुरांगिनियाँ

ओल्ड इज़ गोल्ड शृंखला

महफ़िल-ए-ग़ज़लः नई शृंखला की शुरूआत

भेंट-मुलाक़ात-Interviews

संडे स्पेशल

ताजा कहानी-पॉडकास्ट

ताज़ा पॉडकास्ट कवि सम्मेलन