Saturday, October 25, 2008

सुनो कहानी: प्रेमचंद की 'आधार'




प्रेमचंद की कहानी 'आधार' का प्रसारण

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रेमचंद की रचना 'उद्धार' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रेमचंद की एक और मर्मस्पर्शी कहानी 'आधार', जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।




मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

प्रेमचंद की एक नयी कहानी सुनिए हर शनिवार को आवाज़ पर

कौन जानता था कि मौत ही सांड का रूप धरकर उसे यों नचा रही है। कौन जानता था कि जल जिसके बिना उसके प्राण ओठों पर आ रहे थे, उसके लिए विष का काम करेगा। संध्या समय उसके घरवाले उसे ढूंढते हुए आये। देखा तो वह अनंत विश्राम में मग्न था। (प्रेमचंद की 'आधार' से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.

(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)

(Broadband कनैक्शन वालों के लिए)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)
VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं, तो यहाँ देखें।

#Tenth Story, Adhar: Munsi Premchand/Hindi Audio Book/2008/09. Voice: Anuraag Sharma

फेसबुक-श्रोता यहाँ टिप्पणी करें
अन्य पाठक नीचे के लिंक से टिप्पणी करें-

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

7 श्रोताओं का कहना है :

राज भाटिय़ा का कहना है कि -

आपको को स्वपरिवार दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

** भाई आप का कमेंट बक्स ढुडना पडता है, ओर साईड भी बहुत देर से खुलती है पता नही मेरे यहां या सब के यहां, आप कामेंट का कालम अलग से बना ले तो अच्छा होगा, मेरी राय बुरी लगे तो माफ़ करना

जितेन्द़ भगत का कहना है कि -

दीपावली की हार्दिक शुभकामना
- जि‍तेन्‍द्र भगत

शोभा का कहना है कि -

अनुराग जी
बहुत अच्छा काम कर रहे हैं आप. प्रेम चाँद जी की अमर कथाएँ सुनवाकर. फ़िर से एक सुंदर रचना के लिए बधाई.

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

इस बार मुझे आपका तरीका बहुत पसंद आया। कहानी में जीवंतता आपकी आवाज़ के माध्यम से बनी रहती है। इस बार पार्श्व का संगीत भी कंटेंट पर हावी नहीं हो रहा है। धीरे-धीरे आपकी आवाज़ की दुनिया दीवानी होयेगी। मैं तो यही दुवा करता हूँ।

Anonymous का कहना है कि -

Kahani bahut unpredictable hai magar acchi hai, Anurag ji aapko Deepawali ki shubhkamana. Aapka jeewan mangalmay aur khusiyon se bhara ho.

सजीव सारथी का कहना है कि -

once again great stuff

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` का कहना है कि -

bahut sunder prayas =

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

संग्रहालय

25 नई सुरांगिनियाँ

ओल्ड इज़ गोल्ड शृंखला

महफ़िल-ए-ग़ज़लः नई शृंखला की शुरूआत

भेंट-मुलाक़ात-Interviews

संडे स्पेशल

ताजा कहानी-पॉडकास्ट

ताज़ा पॉडकास्ट कवि सम्मेलन