Saturday, April 11, 2009

सुनो कहानी: प्रेमचंद की 'मंदिर और मस्जिद'



उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'मंदिर और मस्जिद'

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में 'मंटो की एक लघुकथा' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रेमचंद की अमर कहानी मंदिर और मस्जिद, जिसको स्वर दिया है लन्दन निवासी कवयित्री शन्नो अग्रवाल ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 28 मिनट और 12 सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए प्रेमचंद की एक नयी कहानी

इतना ही नहीं, उनके बगीचे में एक पंडित बारहों मॉस दुर्गा-पाठ भी किया करते थे.
(प्रेमचंद की 'मंदिर और मस्जिद' से एक अंश)


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VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis
आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं, तो यहाँ देखें।

#Sixteenth Story, Mandir aur masjid: Munsi Premchand/Hindi Audio Book/2009/11. Voice: Shanno Aggarwal

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3 श्रोताओं का कहना है :

सजीव सारथी का कहना है कि -

वाह जितनी सुंदर और मार्मिक कहानी है इतना ही बढ़िया पॉडकास्ट. लम्बी होने के कारण आज ही सुन पाया. शन्नो जी और अनुराग जी जारी रहे ये पावन काज

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

शन्नो जी,

प्रेमचंद की कहानियों के लिए आपकी आवाज़ सटीक है। अच्छी कहानी और अच्छा वाचन

shanno का कहना है कि -

सजीव जी, शैलेश जी,
आप दोनों को कहानी और उसके वाचन को पसंद करने का अत्यंत धन्यबाद. लेकिन, अन्य श्रोतायों के बारे में क्या कहेंगे? क्या वह भी भविष्य में दिलचस्पी रखेंगे इन कहानियो में?

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