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सांची कहे तोरे आवन से हमरे....याद आया ये मासूम सा गीत दादु के संगीत से संवरा - Sajeev

ऐ मेरे उदास मन चल दोनों कहीं दूर चलें...येसुदास ने अपने सबसे बेहतरीन गीत गाये दादु के लिए - Sajeev

एक दिन तुम बहुत बड़े बनोगे...और दिल से बहुत बड़े बने दादु हमारे - Sajeev

ले तो आए हो हमें सपनों के गाँव में...दादू की धुनों पर खूब सजी हेमलता की आवाज़ - Sajeev

मिलिए २३-वर्षीय फ़िल्मकार हर्ष पटेल से - Sajeev

साथी रे, भूल न जाना मेरा प्यार....कोई कैसे भूल सकता है दादु के संगीत योगदान को - Sajeev

अकेला चल चला चल...मंजिल की पुकार सुनाता ये गीत दादु का रचा - Sajeev

तू जो मेरे सुर में सुर मिला दे...दादु के इस मनुहार को भला कौन इनकार कर पाये - Sajeev

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम....दादु का ये गीत कितना सकून भरा है - Sajeev

हर हसीं चीज़ का मैं तलबगार हूँ...कहता हुआ आया वो सुरों का सौदागर - Sajeev

काहे मेरे राजा तुझे निन्दिया न आए...शृंखला की अंतिम लोरी कुमार सानु की आवाज़ में - Sajeev

घर के उजियारे सो जा रे....याद है "डैडी" की ये लोरी - Sajeev

ज़िन्दगी महक जाती है....जब सुरीली आवाज़ को येसुदास की और हो लोरी का वात्सल्य - Sajeev

आ री आजा, निन्दिया तू ले चल कहीं....बाल दिवस पर किशोर दा लाये एक मीठी लोरी बच्चों के लिए - Sajeev

लल्ला लल्ला लोरी....जब सुनाने की नौबत आये तो यही लोरी बरबस होंठों पे आये - Sajeev

आज कल में ढल गया....रफ़ी साहब की आवाज़ में लोरी का वात्सल्य - Sajeev

तुझे सूरज कहूँ या चन्दा...शायद आपके पिता ने भी कभी आपके लिए ये गाया होगा - Sajeev

चन्दन का पलना रेशम की डोरी....लोरी की मिठास और हेमंत दा की आवाज़ - Sajeev

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