Saturday, March 14, 2009

अपने हाथों कीजिए कहानी-संग्रह 'डर' (नवलेखन पुरस्कार से सम्मानित) का विमोचन



जैसाकि आपने १२ मार्च को ख़बरों में पढ़ा था कि १४ मार्च २००९ को सुबह ११ बजे हिन्दी भवन, आईटीवो, नई दिल्ली में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के हाथों १३ नई साहित्यिक कृतियों का विमोचन होगा। इन १३ पुस्तकों में हिन्द-युग्म के कहानीकार विमल चंद्र पाण्डेय का प्रथम कहानी-संग्रह 'डर' भी शामिल है। उल्लेखनीय है भारत की सर्वोच्च साहित्यिक संस्था भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा हर वर्ष दो लेखकों की कृतियों (एक गद्य तथा दूसरा पद्य में) को नवलेखन पुरस्कार दिया जाता है, जिसमें रु २५,००० ना नग़द इनाम और उस संग्रह का प्रकाशन शामिल है। वर्ष २००८ के गद्य का नवलेखन पुरस्कार विमल चंद्र पाण्डेय को उनके पहले कहानी-संग्रह 'डर' के लिए दिया गया है।

आज सुबह ११ बजे इस पुस्तक का विमोचन भी होगा, इसी कार्यक्रम में विमल चंद्र पाण्डेय का कथापाठ भी होगा। अभी कुछ महीने पहले से हमने राकेश खण्डेलवाल के पहले कविता (गीत)-संग्रह 'अंधेरी रात का सूरज' का पॉडकास्ट और ऑनलाइन विमोचन कर हिन्दी पुस्तकों के विमोचन करने की परम्परा को नया रूप दिया है। अनुराग शर्मा तथा अन्य ५ कवियों के पहले कविता-संग्रह 'पतझड़ सावन बसंत बहार' की कविताओं को रचनाकार की ही आवाज़ में रिकॉर्ड कर पॉडकास्ट कवि सम्मेलन में जोड़कर विमोचन को और व्यापक किया था। हमारे ऑनलाइन विमोचन की ख़ास बात यह है कि इसमें हर पाठक व श्रोता अपने हाथों पुस्तक का विमोचन करता है, माउस रूपी कैंची से ग्राफिक्स रूपी फीते को काटकर।

आज हम इस कड़ी में एक और नया पृष्ठ जोड़ रहे हैं, जिसके तहत विमल चंद्र पाण्डेय के प्रथम कथा-संग्रह 'डर' का ऑनलाइन व पॉडकास्ट विमोचन आपके हाथों करवा रहे हैं। नीचे के ग्राफिक्स से आप सारी बात समझ जायेंगे।

'डर' कहानी-संग्रह की सभी कहानियाँ पढ़ने के लिए यहाँ जायें।

हम इस विमोचन में संग्रह की रचना/रचनाओं का पॉडकास्ट भी प्रसारित करते हैं। 'डर' कहानी-संग्रह से सुनिए कहानी 'स्वेटर' का पॉडकास्ट। कहानी में आवाज़ें हैं शोभा महेन्द्रू और शिवानी सिंह की। कहानी को आप यहाँ पढ़ भी सकते हैं।

(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)




यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)

VBR MP3 64Kbps MP3 Ogg Vorbis


आज हिन्द-युग्म के शैलेश भारतवासी विमोचन को रिकॉर्ड करने की भी कोशिश करेंगे। जिसमें विमल चंद्र पाण्डेय का कथापाठ भी होगा।

आपको याद दिला दें कि इन तेरह किताबों में हिन्द-युग्म के यूनिग़ज़लप्रशिक्षक पंकज सुबीर के पहले कहानी-संग्रह 'ईस्ट इंडिया कम्पनी' का विमोचन भी शामिल हैं। इस कहानी-संग्रह का विमोचन करने के लिए तथा अनुराग शर्मा की आवाज़ में इस कहानी-संग्रह की शीर्षक कहानी का कथापाठ सुनने के लिए यहाँ जायें।।




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5 श्रोताओं का कहना है :

Sajeev का कहना है कि -

अपने दूसरे ऑनलाइन पुस्तक विमोचन से युग्म हर्षित है. विमल जी को ढेरों ढेरों बधाई. डर की सभी कहानियां एक से बढ़कर एक हैं. सभी साहित्यप्रेमियों के लिए ये एक "ज़रूरी" संकलन है. प्रशेन की टीम को भी बधाई इतना सुंदर ग्राफिक डिजाईन करने के लिए. पंकज जी की पुस्तक का भी इंतज़ार रहेगा.

Smart Indian का कहना है कि -

इस शुभ अवसर पर विमल जी, पंकज जी और हिंद-युग्म को बहुत-बहुत बधाई. भविष्य में भी हिंद-युग्म द्वारा इस प्रकार की पहल की प्रतीक्षा रहेगी.

Pramendra Pratap Singh का कहना है कि -

बहुत बहुत बधाई, यह अत्‍यंत हर्ष का विषय है।

Shanno Aggarwal का कहना है कि -

हिंद-युग्म का यह प्रयास बहुत ही सुंदर रहा. बहुत बधाई. और विमल जी, और पंकज जी को भी बहुत बधाई. हम जैसे लोगों को दूर होते भी हिंद-युग्म से इतना कुछ उपलब्द हो रहा

divya naramada का कहना है कि -

बहुत सुखद अनुभूति है, नवल विमोचन रीत.

ऐसा लगता- सुन रहा, कोई सुमधुर गीत.

कोई सुमधुर गीत, मिला है स्वर अपना भी.

बिना डरे डर से रहना है, एक सपना ही.

कहे 'सलिल कविराय विमल-डर साथ-साथ हैं.

भारतवासी जुड़े युग्म में, मिला हाथ हैं.

विमल जी, युग्म परिवार और शीला जी को बधाई. पुनः निवेदन के साथ की विमोचित कृतियों की ख़रीदी दिल्ली के पुस्तकालयों के लिए कराकर एक स्वस्थ्य परंपरा स्थापित करें.

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