तुषार जोशी की आवाज़, मनीष वंदेमातरम् के शब्द
हिन्द-युग्म पर पॉडकास्टिंग की शुरूआत १५ फरवरी २००७ को तुषार जोशी ने अपने पॉडकास्ट ब्लॉग Audio Experiments पर मनीष वंदेमातरम् की कविता 'आवोगी ना' से की थी। इस पॉडकास्ट को ३०० से अधिक लोगों ने डाऊनलोड किया। हमने सोचा कि हिन्द-युग्म के पॉडकास्ट के स्थाई पेज़ 'आवाज़' पर इधर-उधर बिखरे पड़े पॉडकास्ट को लाकर संग्रकित करना उचित होगा ताकि श्रोताओं को सारी सामग्री एक जगह मिल जाय।
सुनिए मनीष की कविता 'आवोगी ना' का पॉडकास्ट
तुषार जी की ही आवाज़ में मनीष की दो अन्य कविताएँ सुनें-
चाहता हूँ मैं
सनीचरी


दिनांक ८/७/२००९ से १४/७/२००९, मदन मोहन साहब की पुण्यतिथि तक हर शाम सुनिए/पढिये मदन साहब के स्वरबद्ध कुछ बेमिसाल गीत सिर्फ ओल्ड इस गोल्ड पर.
पंकज अवस्थी के आरोपों को निरस्त करते हुए संगीतकार प्रीतम चकवर्ती ने कहा है कि फिल्म न्यू यार्क का गीत "है जूनून" किसी अन्य गीत की नक़ल नहीं है. हालाँकि यशराज फिल्म्स के आग्रह पर पंकज ने अपने आरोप वापस तो ले लिए, पर तब तक क्षति घट चुकी थी और इन्टरनेट पर प्रीतम के खिलाफ पर्याप्त सामग्रियां पोस्ट हो चुकी थी. प्रीतम ने कहा कि वो इन आरोपों से बेहद दुखी हुए हैं, उन्होंने कहा -"यदि मैं कहीं से प्रेरित हुआ होता तो मैं खुले-आम उसे स्वीकार करने से भी नहीं हिचकता. जैसा कि फिल्म रेस के मामले में हुआ था. मैं अपने संगीत की कसम खाकर कह सकता हूँ कि ये गीत मेरा ओरिजनल है." अब प्रीतम जी इतना कह रहे हैं तो मानना ही पड़ेगा भाई.

पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का मई 2009 अंक


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श्रोता का कहना है :
मनीष वंदेमातरम की कविताएँ हिंद युग्म के संग्रहालय पर पढी थी , आज कवि तुषार जोशी जी के द्वारा सुनने पर फ़िर से जीवंत हो गयी , आवाज़ पर ये कविताएँ सुनवाने के लिए हिंद युग्म धन्यवाद का पात्र है .
^^पूजा अनिल
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