Thursday, August 21, 2008

साहित्यिक हिन्दी ऑडियो बुक का हिस्सा बनिए



अपनी पसंद की कहानियों, उपन्यासों, लघुकथाओं, नाटकों, प्रहसनों का पॉडकास्ट बनाने में हमारी मदद करें

हिन्द-युग्म ने अपने आवाज़ प्रोजेक्ट के तहत एक नई योजना बनाई है, जिसके सूत्रधार अनुराग शर्मा यानी स्मार्ट इंडियन हैं, जिन्हें इसका संचालक भी बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत हम ऑडियो बुक पर काम करेंगे। हिन्दी के सभी प्रसिद्ध कहानियों, उपन्यासों, लघुकथाओं, नाटकों, प्रहसनों, झलकियों इत्यादि का पॉडाकास्ट तैयार किया जायेगा। फिर उन्हें एल्बम की शक्ल दिया जायेगा।

इस प्रोजेक्ट में कोई भी अपना हाथ बँटा सकता है। अपने पसंद की कहानियों, उपन्यासों, लघुकथाओं, नाटकों, प्रहसनों, झलकियों इत्यादि को रिकॉर्ड करके हमें podcast.hindyugm@gmail.com पर भेजें। जिस रिकॉर्डिंग की क्वालिटी (गुणवत्ता) अच्छी होगी, हम उसे इसी पृष्ठ (मंच) से प्रसारित करेंगे।

लोगों की जो प्रतिक्रियाएँ आयेंगी, उनपर गौर करते हुए आप अपनी रिकॉर्डिंग में सुधार ला सकते हैं, अभिनय में सुधार ला सकते हैं, सुधार करके दुबारा की गई रिकॉर्डिंग को हम पुरानी रिकॉर्डिंग से बदलते रहेंगे।

अनुराग मानते हैं कि विदेशों में साहित्यिक ऑडियो बुकों का बहुत प्रचलन है, यह भारत में भी ज़रूर प्रसिद्ध होगा। साफ्टवेयर प्रोफैशनल, मल्टीनेशनल कर्मचारियों को इससे राहत मिलेगी। चूँकि उनके पास पढ़ने का अलग से टाइम नहीं होता, लेकिन सुनकर साहित्य से जुड़े रह सकते हैं। इस प्रकार से हम हिन्दी साहित्य को एक लम्बी उम्र दे पायेंगे।
बहुत से ऐसे वृद्ध अप्रवासी हैं, जिन्हें कहानियाँ सुनना एक रिलीफ की तरह लगेगा।

हम भी इसी स्पिरिट से इस कार्य को प्रारम्भ कर रहे हैं और आपसे निवेदन कर रहे हैं कि ऑनलाइन अभिनय, वॉयस ओवरिंग द्वारा साहित्य-बचाने के इस प्रयास का हिस्सा बनें।

रिकॉर्डिंग करना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। हिन्द-युग्म के नियंत्रक शैलेश भारतवासी ने इसी बावत एक पोस्ट लिखी है, उसकी मदद से आप रिकॉर्डिंग सीख जायेंगे। यहाँ देखें।

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8 श्रोताओं का कहना है :

Deepak M. का कहना है कि -

achchha prayas hai.

तपन शर्मा का कहना है कि -

ye to bahut sahi kadam hai.. iska prachaar karna chaahiye... jitne logon tak baat pahuchegi utna hi achha...

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

मैं कमेंट के माध्यम से लोगों से गुजारिश करूँगा कि इस आवाज़ महाकुंभ में ज़रूर डूबकी लगायें।

सजीव सारथी का कहना है कि -

चलो एक क्रांति लायें,
नया एक सूरज उगायें,
बस सोचते ही न रह जायें,
अब वक्त है कुछ कर जायें.

KOLTOLIC,ZONE III का कहना है कि -

हिन्दी में एक एैसे साइट को पाकर बहुत ही अच्छा लगा । फाइलों में दिनभर आँखे गढ़ाए रहने वालों के लिए यह एक ताजा बयार या फिर एक कर कॉफी का काम करेगा । यह मेरा विश्वास है । शुभकामनाएं ।

beena sharma का कहना है कि -

अनुरग जी मै भी इस काम का हिस्सा बनना चाहती हू मुझे क्या करना होगा क्रपया मार्ग दर्शन करे।

prerna argal का कहना है कि -

आपकी पोस्ट "ब्लोगर्स मीट वीकली {३}" के मंच पर शामिल की गई है /आप वहां आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/ हमारी कामना है कि आप हिंदी की सेवा यूं ही करते रहें। कल सोमवार०८/०८/11 को
ब्लॉगर्स मीट वीकली में आप सादर आमंत्रित

Sunil Pathak का कहना है कि -

hello anurag g i want to become a member of this site so plz help me .

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