Tuesday, March 16, 2010

कुछ कुछ सबको मिलता है- गुनगुनाते लम्हे का नया एपीसोड



आज है माह का तीसरा मंगलवार और मौका है गुनगुनाते लम्हे का। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम किसी एक कहानी को गीतों की चाश्‍नी में डुबोते हैं ताकि आप उसे पूरा रस लेकर सुन सकें। इस बार की कहानी थोड़ी लम्बी है। लेकिन कहानी की लेखिका दीपाली आब का मानना है कि आप इसे सुनकर बिलकुल बोर नहीं होगें। तो चलिए आपके साथ हम भी आनंद लेते हैं इस कहानी का-



इस बार की कहानी में
आवाज़/एंकरिंग/कहानीतकनीक
DeepalI AabShailesh Bharatwasi
दीपाली आबशैलेश भारतवासी



आप भी चाहें तो भेज सकते हैं कहानी लिखकर गीतों के साथ, जिसे देंगी रश्मि प्रभा अपनी आवाज़! जिस कहानी पर मिलेगी शाबाशी (टिप्पणी) सबसे ज्यादा उनको मिलेगा पुरस्कार हर माह के अंत में 500 / नगद राशि।

हाँ यदि आप चाहें खुद अपनी आवाज़ में कहानी सुनाना, तो भी आपका स्वागत है....


1) कहानी मौलिक हो।
2) कहानी के साथ अपना फोटो भी ईमेल करें।
3) कहानी के शब्द और गीत जोड़कर समय 35-40 मिनट से अधिक न हो, गीतों की संख्या 7 से अधिक न हो।।
4) आप गीतों की सूची और साथ में उनका mp3 भी भेजें।
5) ऊपर्युक्त सामग्री podcast.hindyugm@gmail.com पर ईमेल करें।

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13 श्रोताओं का कहना है :

vaibhav का कहना है कि -

aha likhu ya aah likhu
bahut hi maarmik sa chitran hai...sudha ka charitr tyag se prem ko ek alag unchai pradan karta hai..parantu thoda sa saahas shayad usko khushi deta...ashraf ke sath thodi naainsafi lagi....sudha ke past se uska koi lena dena nahi tha
bt still....humare samaj me insaniyat par dharm kis kadar haavi hai..uska bahut accha example hai.

acchi kahani ke liye.......:)

Shephalika का कहना है कि -

Mujhe to yeh kahani pehle bhi pasand thi...ab bhi hai.Kahani ka flow, characters, lekhan sabhi dil chu lete hain. haalki kahani mein jo baat kahi gayi hai wo nayi nahin hai, par jis tareh se kahi gayi hai wo unique hai.Lastly,loved ur voice n the songs...:)

रश्मि प्रभा... का कहना है कि -

बहुत ही अच्छी कहानी और प्रस्तुति और गीत ...........बधाई

संत शर्मा का कहना है कि -

बहुत सुन्दर प्रयास | अशरफ के नजरिये से, उसके सुधा के प्रति प्रेम को बड़ी सूक्ष्मता एवं कुशलता से उभारा गया है | यह मेरे हिसाब से गीतों भरी कहानी के अब तक के प्रयासों में सबसे बेहतर रहा, क्युकि इसमें कहानी को ज्यादा महत्व दिया गया और गानों को उतना ही महत्व दिया गया जितना की दिया जाना चाहिए था, अन्यथा अब होता कुछ यू था की गानों की अधिकता में कहानी कहीं खो जाती थी | दीप जी की आवाज भी मधुर है , उनके द्वारा की गयी एंकरिंग भी प्रभावी रही |

ρяєєтι का कहना है कि -

behtarin prastuti.....badhai deep ji aur shailesh ji ko......

सजीव सारथी का कहना है कि -

BEHAD SUNDER AWAAZ AUR ADAYAGI, GEETON KA CHAYAN BHI UTKRISTH RAHA, BAHUT BADHAAI, AWAAZ KA YE PRAYAS NAYI UNCHAYIYAN LE RAHA HAI

sangeeta swarup का कहना है कि -

कहानी , आवाज़ ,प्रस्तुति और गीत सभी बेहतरीन.....वाकई बिलकुल बोर नहीं हुए...:):)

सुन्दर प्रस्तुतिकरण के लिए दीपाली और अन्य सहयोगियों को बधाई

saanjh का कहना है कि -

dekhti hoon ke sabne kaafi heavy duty comments kiye hain yahan par.... ;-)
deep meri itni acchi dost hai to itni aupcharik bhasha mein comment karna bohot ajeeb lagega mujhe....so main apni aukaat par aa jaati hoon.....
kahaani, geet aur poora feel kamaal ka tha, baarish maano sachmuch ho rahi thi. It was amazing...truely...great job sweetie :)

jenny shabnam का कहना है कि -
This comment has been removed by the author.
jenny shabnam का कहना है कि -

deep,
ye kahani padh chuki hun, aur yaha aaj geeton ke sath sunkar bahut achha laga. nihsandeh uttam aur maarmik rachna. bahut bahut badhai aur shubhkaamna tumko.

Serious Writers का कहना है कि -

Sach kahaani pehle bhi padhi hai par aaj sunaa to ek dum nayee lagi. Awaaz to no doubt bahut achhi hai par takneek ne us par chaar chaand laga diye. Main Deep aur Sailesh Ji hardik badhai dena chahunga is khoobsurat prastuti ke liye. :)

--Gaurav

Deepali Sangwan का कहना है कि -

@ all
aap sabhi guni jano ka bahut bahut dhanyawaad
aapne apna waqt diya, aur saraaha..
yeh kahani mere dil ke bahut kareeb hai.. aur shailesh ji ne is kahani ko sangeetbadh kar ke ismein nayi jaan daal di..
main aabhari hun hindyugm team ki aur shailesh ji ki .. aur aap sabhi ki jinhone mujhe hamesha itna protsahan diya. :)

डा. अरुणा कपूर. का कहना है कि -

कहानी बहुत ही अच्छी है...दिल को छू लेती है!....प्रस्तुति तो बहुत ही सुंदर है....आवाज का जादू अनोखा है!...धन्यवाद दिपालीजी!

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