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तारों की नगरी से चंदा ने एक दिन....आज सुर्रैया सुना ही है एक दर्द भरी कहानी - Sajeev

ओल्ड इस गोल्ड - शनिवार विशेष - जब गुड्डो दादी नें बताया पंडित बागा राम व पंडित हुस्नलाल के परिवार के साथ उनके पारिवारिक संबंध के बारे में - Sajeev

अलविदा अलविदा....यही कहा होगा सुर्रैया ने दुनिया-ए-फानी को छोड़ते हुए अपने चाहने वालों से - Sajeev

नुक्ताचीं है ग़म-ए-दिल उसको सुनाये ना बने...ग़ालिब का कलाम और सुर्रैया की आवाज़ - Sajeev

धडकते दिल की तम्मना हो मेरा प्यार हो तुम....कितने कम हुए है इतने मासूम और मुकम्मल गीत - Sajeev

हम इश्क़ के मारों को दो दिल जो दिए होते....एक और खूबसूरत ख्याल सुर्रैय्या की खनकती आवाज़ में - Sajeev

मनमोर हुआ मतवाला किसने जादू डाला....सुर्रैया के लिए प्रेम वो जादू था जो मन से कभी नहीं उतरा - Sajeev

तेरे नैनों ने चोरी किया....सुर्रैया का नटखट अंदाज़ इस मधुर और सदाबहार गीत में - Sajeev

एक तुम हो एक मैं हूँ, और नदी का किनारा है....जब सुर्रैया ने याद किया अपने शुरूआती रेडियो के दिनों को - Sajeev

मिलने के दिन आ गए....सुर्रैया और सहगल की युगल आवाजों में एक यादगार गीत - Sajeev

तेरा ख्याल दिल से भुलाया न जायेगा....वाकई सुर्रैया को कभी भी भुला नहीं पायेगें हिंदी फिल्म संगीत के रसिक - Sajeev

पंछी जा पीछे रहा बचपन मेरा....एक कोशिश ओल्ड इस गोल्ड की अमर गायिका सुर्रैया की यादों को ताज़ा करने की - Sajeev

दूर पपीहा बोला रात आधी रह गई...सुर्रैया की आवाज़ और कवि गीतकार गोपाल सिंह नेपाली के शब्द - Sajeev

"धड़क धड़क तेरे बिन मेरा जियरा" - दो नामी गायिकाएँ लेकिन उनकी दुर्लभ जोड़ी - Sajeev

बेताब है दिल दर्द-ए-मोहब्बत के असर से...सुरैया और उमा देवी के युगल स्वरों में ये गीत - Sajeev

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