मातृ दिवस पर गौरव सोलंकी और विपुल शुक्ला का काव्य-पाठ
डैलास, अमेरिका के हिन्दी एफ॰एम॰ चैनल रेडियो सलाम नमस्ते के कार्यक्रम में 11 मई 2008 की रात्रि 9 बजे (भारतीय समयानुसार 12 मई 2008 की सुबह 7:30 बजे) मातृ दिवस पर आयोजित 'कवितांजलि' के विशेष अंक में हिन्द-युग्म की ओर से गौरव सोलंकी और विपुल शुक्ला ने काव्यपाठ किया। गौरव सोलंकी और विपुल शुक्ला के प्रोत्साहन के लिए हिन्द-युग्म की स्थाई पाठिका रचना श्रीवास्तव ने फोन करके दोनों को बधाइयाँ दी, उसे भी हमने रिकार्ड किया है, लेकिन वो ठीक से रिकार्ड नहीं हो पाया है। अमेरिका के ही पेशे से कवि हृदयी डॉक्टर कमल किशोर ने भी अपने काव्यपाठ के बाद गौरव सोलंकी की कविता की सराहना की। इस कार्यक्रम का संचालन श्री आदित्य प्रकाश करते हैं।
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Gaurav Solnaki's & Vipul Shukla's Kavyapaath


दिनांक ८/७/२००९ से १४/७/२००९, मदन मोहन साहब की पुण्यतिथि तक हर शाम सुनिए/पढिये मदन साहब के स्वरबद्ध कुछ बेमिसाल गीत सिर्फ ओल्ड इस गोल्ड पर.
पंकज अवस्थी के आरोपों को निरस्त करते हुए संगीतकार प्रीतम चकवर्ती ने कहा है कि फिल्म न्यू यार्क का गीत "है जूनून" किसी अन्य गीत की नक़ल नहीं है. हालाँकि यशराज फिल्म्स के आग्रह पर पंकज ने अपने आरोप वापस तो ले लिए, पर तब तक क्षति घट चुकी थी और इन्टरनेट पर प्रीतम के खिलाफ पर्याप्त सामग्रियां पोस्ट हो चुकी थी. प्रीतम ने कहा कि वो इन आरोपों से बेहद दुखी हुए हैं, उन्होंने कहा -"यदि मैं कहीं से प्रेरित हुआ होता तो मैं खुले-आम उसे स्वीकार करने से भी नहीं हिचकता. जैसा कि फिल्म रेस के मामले में हुआ था. मैं अपने संगीत की कसम खाकर कह सकता हूँ कि ये गीत मेरा ओरिजनल है." अब प्रीतम जी इतना कह रहे हैं तो मानना ही पड़ेगा भाई.

पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का मई 2009 अंक


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10 श्रोताओं का कहना है :
गौरव और विपुल दोनों को बहुत-बहुत बधाईयाँ।
-विश्व दीपक ’तन्हा’
गौरव और विपुल
दोनो का काव्य पाठ सुना। कविताएँ तो पहले ही पढ़ी हुई थी। आपकी आवाज़ में सुनकार और आनन्द आया। हिन्द-युग्म का नाम यूँ ही रौशन होता रहे यही कामना है।
गौरव जी और विपुल जी की कविताएँ पढ़ तो रखी थी पर आज उन्ही की आवाज़ में सुनकर बड़ा अच्छा लगा. आप दोनों को रेडियो सलाम नमस्ते पर कविताएँ कहने का मौका मिला उसके लिए बहुत बहुत बधाई , हमारा भी सौभाग्य है कि हम उसे हिंद युग्म के जरिये सुन सके . आप और तरक्की करें ,ऐसी शुभकामनाओं के साथ
^^पूजा अनिल
बहुत सुंदर |
अवनीश तिवारी
कवि द्वय को बधाई
दोनो कवियों का बहुत बहुत सुन्दर काव्य पाठ, अनेकानेक बधाइयाँ..
गौरव जी ,विपुल जी आप दोनों को हार्दिक बधाई , गौरव जी आपकी कविता पहले पढी थी सुन कर बहुत अच्छा लगा....सीमा सचदेव
vipul sir cong'ion.................
vipul sir cong'tion,,,,,,,,....................//////////
good work vipul , keep going like this always ...............
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