Thursday, May 8, 2008

KAVI.DOT.COM लोधी गार्डन (काव्यपाठ)



58वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर DU-FM के कार्यक्रम कवि डॉट कॉम का विशेष अंक हिन्द-युग्म के कवियों पर केन्द्रित था। आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक प्रदीप शर्मा हिन्द-युग्म के कवियों से मिलने दिल्ली के मशहूर पार्क लोधी गार्डन पहुँचे। हिन्द-युग्म के सक्रिय कार्यकर्ता निखिल आनंद गिरि को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी और 30 मिनट के इस विशेष कवि सम्मेलन की रिकार्डिंग की। भाग लेने वाले कवि थे-

मनीष वंदेमातरम्
रंजना भाटिया
भूपेन्द्र राघव
शैलेश भारतवासी
अजय यादव
राशी जमुआर
अवनीश गौतम
निखिल आनंद गिरि

इसकी रिकॉर्डिंग अब हम तक पहुँच पाई है। अब इसे हमें अपने इंटरनेटीय श्रोताओं के समक्ष लेकर प्रस्तुत हैं। आप भी सुनें और इस कवि सम्मेलन का आनंद लें।

नीचे के प्लेयर से सुनें.

(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)



यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


Kavya-path of many poets of Hind-Yugm @ Kavi.Com (a special programme of DU-FM

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3 श्रोताओं का कहना है :

pooja anil का कहना है कि -

कवि डॉट कॉम पर प्रसारित सभी कवियों की कविताएँ उन्ही की जुबानी सुनी, सुनकर सचमुच आनंद आया , खास तौर पर भूपेंद्र राघव जी की हास्य कविताएँ बहुत अच्छी लगी, मनीष जी के गाँव की सैर हम जरूर करेंगे (अगर मौका मिला तो ), शैलेश जी, निखिल जी और अवनीश जी की देश के लिए चिंता स्वाभाविक है , राशि जी, अजय यादव जी और रंजना जी की गणतंत्र दिवस की कविताएँ भी अच्छी लगी , सभी को मुबारकबाद

^^पूजा अनिल

मीनाक्षी का कहना है कि -

बहुत खूब.. सभी का देश प्रेम से परिपूर्ण काव्य पाठ सुनकर आनन्द आ गया. निखिलजी की प्रभावशाली आवाज़ में संचालन भी बहुत खूब लगा.

Anonymous का कहना है कि -

kavi .com prasarit karke sabhi hindi bhashi logo ko fir se hindi ke prati jigyasha jaga dee , hindi hi hamari bhasha hai, hindi hi hamari , aashaa hai, hindi shaan , our hindi hee hamari jaan, gyaniyo se gyaan kavi. com par mil raha hai, isase aage. gyaan ke stambh gadhe jaaye. our kavi.com ka ek achchha itihas likhaa jaayegaa. ham bhee yahi kah kar apani lekhani ko samapt karta hoo, jay hindi , jai bharat..
shambhu Nath

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