Saturday, December 5, 2009

सुनो कहानी: हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "खेती



'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की कहानी "ह्त्या की राजनीति" का पॉडकास्ट उन्हीं की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं हरिशंकर परसाई का लघु व्यंग्य "खेती", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय मात्र 2 मिनट 24 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।




मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। ।
~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

हुज़ूर, हम किसानों को आप ज़मीन, पानी और बीज दिला दीजिये और अपने अफसरों से हमारी रक्षा कीजिये।
(हरिशंकर परसाई के व्यंग्य "खेती" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#Fourty Ninth Story, Kheti: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2009/43. Voice: Anurag Sharma

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4 श्रोताओं का कहना है :

निर्मला कपिला का कहना है कि -

बेसबरी से इन्तज़ार रहता है अनुराग शर्मा जी की आवाज़ मे कहानी सुनने का सुन रहे हैं एक विन्डो मे कहानी चलती है तो दूसरी मे बाकी काम । बहुत बहुत धन्यवाद । बाकी बाद मे आती हूँ।

सतीश पंचम का कहना है कि -

मैंने भी यही तरीका अपनाया है। एक विंडो में कहानी चलती रहती है और दूसरे में दुनिया-जहां.....

सुंदर प्रस्तुति।

पी.सी.गोदियाल का कहना है कि -

Ati Sundar !

सजीव सारथी का कहना है कि -

बढ़िया है अनुराग जी....

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