Saturday, July 3, 2010

सुनो कहानी - "पत्नी का पत्र" - रबीन्द्र नाथ ठाकुर



सुनो कहानी: रबीन्द्र नाथ ठाकुर की कहानी "पत्नी का पत्र"
'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में पद्म भूषण साहित्यकार कृश्न चन्दर की कहानी "एक गधे की वापसी" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रबीन्द्र नाथ ठाकुर की एक कहानी "पत्नी का पत्र", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 38 मिनट 39 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का टेक्स्ट गद्य कोश पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



पक्षी समझते हैं कि मछलियों को पानी से ऊपर उठाकर वे उनपर उपकार करते हैं।
~ रबीन्द्र नाथ ठाकुर (1861-1941)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

चोरी की कला में यमराज निपुण हैं, उनकी नजर कीमती चीज पर ही पड़ती है।
(रबीन्द्र नाथ ठाकुर की "पत्नी का पत्र" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#Ninteenth Story, Patni Ka Patra: Rabindra Nath Tagore/Hindi Audio Book/2010/25. Voice: Archana Chaoji

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3 श्रोताओं का कहना है :

सजीव सारथी का कहना है कि -

बहुत ही मर्मस्पर्शी कहानी, और उतना ही सटीक वचन , बधाई

Archana का कहना है कि -

धन्यवाद.. अनुराग जी और संजीव जी .........

Unknown का कहना है कि -

बहुत ही हृदय विदारक कहानी है। ये संसार ही ऐसा स्वार्थी है ,जो अपने सिवाय दूसरे को नहीं देख सकता|
सरोज अग्रवाल

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