Tuesday, March 1, 2011

आ देखे जरा, किस में कितना है दम....अब जब मैदान में आ ही गए हैं तो हो जाए मुकाबला



ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 603/2010/303

'खेल खेल में' - इन दिनों विश्वकप क्रिकेट के नाम हम कर रहे हैं 'ओल्ड इज़ गोल्ड' की महफ़िल इसी लघु शृंखला के ज़रिए। आज है इस शृंखला की तीसरी कड़ी। कल की कड़ी में हमने विश्वकप क्रिकेट से जुड़े कुछ रोचक तथ्य आपको दिए, आइए आज उसी को आगे बढ़ाया जाये!
• विश्वकप के इतिहास में दो देशों के लिए खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं केप्लर वेसेल्स। वेसेल्स ने १९८३ का विश्वकप ऒस्ट्रेलिया के लिए खेला, और १९९२ में साउथ अफ़्रीका के कैप्टन बनें।
• इंगलैण्ड तीन बार विश्वकप फ़ाइनल तक पहूँचे (१९७९, १९८७, १९९२), लेकिन कभी जीत नहीं सके।
• वेस्ट इंडीज़ और ऒस्ट्रेलिया दो ऐसे देश हैं जिन्होंने विश्वकप पर एकाधिक बार अधिकार जमाया है।
• लंदन वह शहर है जिसने सब से ज़्यादा विश्वकप फ़ाइनल होस्ट किये है (४ बार)।
• तीसरे अम्पायर का कॊन्सेप्ट १९९६ के विश्वकप से लागू हुआ था।
• पहले एक-दिवसीय मैच ६० ओवर्स के होते थे। १९८७ के विश्वकप में इसे ६० से ५० ओवर का कर दिया गया और उस साल विश्वकप भारत और पाकिस्तान ने होस्ट किया था।
• "पिंच-हिटर" उस बल्लेबाज़ को कहा जाता है जिसे मैदान पर उतारा जाता है पहली ही गेंद से शॊट्स लगाने के लिए। विश्व का पहला पिंच-हिटर न्युज़ीलैण्ड के मार्क ग्रेटबैच हैं जिन्होंने १९९२ में कुल ७ मैचों में ३५६ गेंदों में ३१३ रन बनाये, जिसमें ३२ चौके और १३ छक्के शामिल थे।

दोस्तों, २०११ का विश्वकप ज़ोर पकड़ने लगा है और लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। सिर्फ़ घरों तक ही अब ये मैचेस सीमित नहीं है, बल्कि दफ़्तरों, स्कूल-कालेजों, सार्वजनिक जगहों में भी आजकल इसी के चर्चे हैं। टीवी के दुकानों के सामने भीड़ जमने लगी हैं, और ग़रीब से लेकर अमीर तक, सभी इस क्रिकेट-बुखार की चपेट में हैं। आज के और अगले दो अंकों में हम जिन गीतों को बजाने जा रहे हैं, उनमें है प्रतियोगिता और प्रतिस्पर्धा के भाव। पिछले दो गीतों में हमने प्रतिस्पर्धा से उपर उठकर अपने आप पर जीत हासिल करने और हार-जीत को सहजता से लेने की बात कही थी, लेकिन अब अगले तीन गीतों में थोड़ा सा जोश है, कम्पीटिशन है, थोड़ी सी मस्ती भी है, थोड़ा शरारत भी। लेकिन जो भी है, है तो एक हेल्दी-कम्पीटिशन ही। फ़िल्म 'रॊकी' में आशा भोसले, किशोर कुमार, और राहुल देव बर्मन का गाया एक बड़ा ही ज़बरदस्त गीत था "आ देखें ज़रा, किसमें कितना है दम, जम के रखना क़दम, मेरे साथिया"। फ़िल्म में यह गीत एक प्रतियोगितामूलक गीत था और दो टीमें थीं संजय दत्त-रीना रॊय तथा शक्ति कपूर-टीना मुनिम की। एक बार फिर बक्शी साहब के बोल और पंचम दा का संगीत। फ़िल्म में इस प्रतियोगिता के जज के रूप में शम्मी कपूर नज़र आये जिन्होंने अपना ही, यानी शम्मी कपूर का ही किरदार निभाया। तो आइए, इस गीत के बोलों का ही सहारा लेकर हम २०११ विश्वकप क्रिकेट के सभी खिलाड़ियों से यही दोहराएँ कि "जम के रखना क़दम, all the best!"



क्या आप जानते हैं...
कि १९८१ की फ़िल्म 'रॊकी' सुनिल दत्त निर्मित व निर्देशित फ़िल्म थी, जिसका निर्माण उन्होंने अपने बेटे संजय दत्त को लौंच करने के लिए किया था। फ़िल्म के रिलीज़ के चंद हफ़्ते पहले सुनिल दत्त की पत्नी और संजय की माँ नरगिस जी का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया और वो अपने पुत्र की इस फ़िल्म में कामयाबी देख नहीं पायीं।

दोस्तों अब पहेली है आपके संगीत ज्ञान की कड़ी परीक्षा, आपने करना ये है कि नीचे दी गयी धुन को सुनना है और अंदाज़ा लगाना है उस अगले गीत का. गीत पहचान लेंगें तो आपके लिए नीचे दिए सवाल भी कुछ मुश्किल नहीं रहेंगें. नियम वही हैं कि एक आई डी से आप केवल एक प्रश्न का ही जवाब दे पायेंगें. हर १० अंकों की शृंखला का एक विजेता होगा, और जो १००० वें एपिसोड तक सबसे अधिक श्रृंखलाओं में विजय हासिल करेगा वो ही अंतिम महा विजेता माना जायेगा. और हाँ इस बार इस महाविजेता का पुरस्कार नकद राशि में होगा ....कितने ?....इसे रहस्य रहने दीजिए अभी के लिए :)

पहेली 04/शृंखला 11
गीत का ये हिस्सा सुनें-


अतिरिक्त सूत्र -तीन आवाजों में है ये गीत.

सवाल १ - किन तीन कलाकारों पर फिल्माया गया है ये गीत - ३ अंक
सवाल २ - फिल्म का नाम बताएं - १ अंक
सवाल ३ - गीतकार बताएं - २ अंक

पिछली पहेली का परिणाम -
अमित जी ने एक अंक की बढ़त ली है, कल अंजाना जी और विजय जी का टाई हुआ, लगता है एक अंक वाला सवाल किसी को नहीं चाहिए :)

खोज व आलेख- सुजॉय चटर्जी



इन्टरनेट पर अब तक की सबसे लंबी और सबसे सफल ये शृंखला पार कर चुकी है ५०० एपिसोडों लंबा सफर. इस सफर के कुछ यादगार पड़ावों को जानिये इस फ्लेशबैक एपिसोड में. हम ओल्ड इस गोल्ड के इस अनुभव को प्रिंट और ऑडियो फॉर्मेट में बदलकर अधिक से अधिक श्रोताओं तक पहुंचाना चाहते हैं. इस अभियान में आप रचनात्मक और आर्थिक सहयोग देकर हमारी मदद कर सकते हैं. पुराने, सुमधुर, गोल्ड गीतों के वो साथी जो इस मुहीम में हमारा साथ देना चाहें हमें oig@hindyugm.com पर संपर्क कर सकते हैं या कॉल करें 09871123997 (सजीव सारथी) या 09878034427 (सुजॉय चटर्जी) को

फेसबुक-श्रोता यहाँ टिप्पणी करें
अन्य पाठक नीचे के लिंक से टिप्पणी करें-

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

5 श्रोताओं का कहना है :

Anjaana का कहना है कि -

Actors : Shammi Kapoor, Vyjayanthi mala, Helen

अमित तिवारी का कहना है कि -

वैजयंती माला ,हेलन ,शम्मी कपूर

शरद तैलंग का कहना है कि -

geetkar : hasrat jaipuri

शरद तैलंग का कहना है कि -

कल कहीं कार्यक्रम में चल गया इसलिये उपस्थित नहीं हुआ. मैं मुक़ाबला छोड नही रहा हूं पर जवाब मालूम होते हुए भी अमित जी ओर अनजाना जी की स्पीड के आगे मात खा जाता हूं फ़िर भी अपनी हाजिरी तो लगा ही रहा हूं .

रोमेंद्र सागर का कहना है कि -

इस भगदड़ में फिल्म का नाम तो रह ही गया ....! वही बात है कोई भी १ नंबर नहीं लेना चाहता ! चलिए वो एक नंबर मुझे दे दीजिये ..... हा हा हा

फिल्म का नाम : प्रिन्स !!

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

संग्रहालय

25 नई सुरांगिनियाँ

ओल्ड इज़ गोल्ड शृंखला

महफ़िल-ए-ग़ज़लः नई शृंखला की शुरूआत

भेंट-मुलाक़ात-Interviews

संडे स्पेशल

ताजा कहानी-पॉडकास्ट

ताज़ा पॉडकास्ट कवि सम्मेलन