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एक दिन तुम बहुत बड़े बनोगे...और दिल से बहुत बड़े बने दादु हमारे - Sajeev

तू जो मेरे सुर में सुर मिला दे...दादु के इस मनुहार को भला कौन इनकार कर पाये - Sajeev

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम....दादु का ये गीत कितना सकून भरा है - Sajeev

घर के उजियारे सो जा रे....याद है "डैडी" की ये लोरी - Sajeev

तुझे सूरज कहूँ या चन्दा...शायद आपके पिता ने भी कभी आपके लिए ये गाया होगा - Sajeev

चन्दन का पलना रेशम की डोरी....लोरी की मिठास और हेमंत दा की आवाज़ - Sajeev

कहाँ तुम चले गए ...बस यही दोहराते रह गए जगजीत के दीवाने - Sajeev

इश्क़ से गहरा कोई न दरिया....सुदर्शन फाकिर और जगजीत का मेल - Sajeev

ये जो घर आँगन है...जगजीत व्यावसायिक सिनेमा के दांव पेचों में कुछ मधुरता तलाश लेते थे - Sajeev

रिश्ता ये कैसा है....जिस रिश्ते से बंधे हैं जगजीत और उनके चाहने वाले - Sajeev

ज़िन्दगी में सदा मुस्कुराते रहो....आशा के स्वर जगजीत के सुरों में - Sajeev

सिंदूर की होय लम्बी उमरिया...जगजीत और लता जी की पहली भेंट - Sajeev

माँ ही गंगा...जात्रागान शैली का ये गीत नीरज की कलम से - Sajeev

साजन की हो गयी गोरी...सुन्दर बाउल संगीत पर आधारित देवदास की अमर गाथा से ये गीत - Sajeev

सुन री पवन, पवन पुरवैया.. भटयाली संगीत की लहरों में बहाते बर्मन दा - Sajeev

जब से तूने बंसी बजाई रे....भूपेन हजारिका का स्वरबद्ध एक मधुर गीत - Sajeev

मैं अकेला अपनी धुन में मगन - बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अमित खन्ना से एक खास मुलाक़ात - Sajeev

कान्हा आन पड़ी मैं तेरे द्वार.....निर्गुण भक्ति और लता - Sajeev

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