Wednesday, April 20, 2011

कायदा कायदा आखिर फायदा.....कभी कभी कायदों को हटाकर भी जीने का मज़ा है समझा रहीं हैं रेखा



ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 639/2010/339

'ओल्ड इज़ गोल्ड' के दोस्तों नमस्कार! 'सितारों की सरगम' शृंखला में कल आपनें शत्रुघ्न सिंहा का गाया गीत सुना था ॠषीकेश मुखर्जी निर्देशित फ़िल्म 'नरम गरम' से, राहुल देव बर्मन का स्वरबद्ध किया और गुलज़ार साहब का लिखा। आज की कड़ी में भी जो गीत आप सुनने जा रहे हैं, उसे इसी टीम, यानी कि ॠषी दा, पंचम दा और गुलज़ार साहब, नें बनाया है। यह है १९८० की बेहद कामयाब फ़िल्म 'ख़ूबसूरत' से अभिनेत्री रेखा का गाया गीत "कायदा कायदा आख़िर फ़ायदा", जिसमें सपन चक्रवर्ती नें उनका साथ दिया है। युं तो गुलज़ार साहब बच्चों वाले गीत लिखने में और उनमें अजीब-ओ-गरीब उपमाएँ व रूपक देने में माहिर हैं, लेकिन इस गीत में तो उन्हें ऐसी खुली छूट व आज़ादी मिली कि वो तो अपनी कल्पना को पता नहीं किस हद तक लेके गये हैं। 'ख़ूबसूरत' के मुख्य कलाकार थे रेखा, दीना पाठक, अशोक कुमार, राकेश रोशन, शशिकला प्रमुख। कहानी तो आपको पता ही है, अगर आप में से किसी नें इस फ़िल्म को अब तक नहीं देखा है, तो हमारा सुझाव है कि आज ही इसे देखें। वाक़ई एक लाजवाब फ़िल्म है 'ख़ूबसूरत' और मुझे तो लगता है कि रेखा के श्रेष्ठ फ़िल्मों में से एक है। और मज़ेदार बात यह है कि इस फ़िल्म में एक चुलबुली बबली लड़की का अभिनय करने के बाद अगले ही साल १९८१ में रेखा नें उमरावजान जैसा संजीदा किरदार निभाया था।

दोस्तों मुझे अब भी याद है, बचपन में दूरदर्शन में इस फ़िल्म को मैंने देखा था, फ़िल्म तो अच्छी लगी ही थी, लेकिन ख़ास कर इस गीत नें मेरे बाल मन में बड़ा असर किया था। यह बच्चों को एक स्वप्नलोक में ले जाने वाला गीत है, जिसे हम एक फ़ैण्टसी सॊंग् कह सकते हैं। यह गीत मेरे ख़याल से हर बच्चे के सपनों को साकार करता है। बर्फ़ से ढके पहाड़, जहाँ से आप चम्मच के ज़रिये एक स्कूप आइसक्रीम निकाल कर अपने मुंह में डाल सकते हैं। या फिर मान लीजिए कि पेड़ों पर फल फूल के बदले चाकलेट और टॊफ़ियाँ लटक रही हैं और आप अपना हाथ उपर करके या थोड़ा सा कूद कर और उन्हें तोड़ कर फट से मुंह में डाल सकते हैं! और अगर पानी के नलों से कोल्ड-ड्रिंक्स और कॊफ़ी निकले तो कैसा हो? कितना अच्छा होता न कि अगर जो जैसा है वो वैसा न होता। सारे नियम उलट जाते, सब कुछ नया नया हो जाता! बस यही है इस गीत का मकसद। "सारे नियम तोड़ दो, नियम से चलना छोड़ दो, इंनकिलाब ज़िंदाबाद"। अरे अरे अरे, यह मैं कौन से गीत का मुखड़ा लिख बैठा! दरअसल आज के प्रस्तुत गीत में और इस गीत में, जिसे आशा भोसले, उषा मंगेशकर और कल्याणी मित्रा नें गाया है, मुझे हमेशा से ही कन्फ़्युज़न होती रहा है। दोनों का विषय वस्तु एक जो है! तो आइए दोस्तों, सुनते हैं रेखा और सपन चक्रवर्ती की आवाज़ों में "कायदा कायदा आख़िर फ़ायदा"। और आप भी हमें सुझाइए कि 'ओल्ड इज़ गोल्ड' की प्रस्तुति में हम किस तरह के बदलाव ला सकते हैं जिससे कि इसमें कुछ नयापन आये, क्योंकि फिर वही बात कि कायदा कायदा आख़िर फ़ायदा? आइए सुना जाये और मुस्कुराया जाये और एक बार फिर से एक बच्चा बना जाये!



क्या आप जानते हैं...
कि रेखा नें गायक शैलेन्द्र सिंह के साथ आवाज़ मिलाई थीं 'अगर तुम न होते' फ़िल्म के एक हास्य गीत में, जिसके बोल थे "कल तो सण्डे की छुट्टी है"।

दोस्तों अब पहेली है आपके संगीत ज्ञान की कड़ी परीक्षा, आपने करना ये है कि नीचे दी गयी धुन को सुनना है और अंदाज़ा लगाना है उस अगले गीत का. गीत पहचान लेंगें तो आपके लिए नीचे दिए सवाल भी कुछ मुश्किल नहीं रहेंगें. नियम वही हैं कि एक आई डी से आप केवल एक प्रश्न का ही जवाब दे पायेंगें. हर १० अंकों की शृंखला का एक विजेता होगा, और जो १००० वें एपिसोड तक सबसे अधिक श्रृंखलाओं में विजय हासिल करेगा वो ही अंतिम महा विजेता माना जायेगा. और हाँ इस बार इस महाविजेता का पुरस्कार नकद राशि में होगा ....कितने ?....इसे रहस्य रहने दीजिए अभी के लिए :)

पहेली 10/शृंखला 14
गीत का ये हिस्सा सुनें-


अतिरिक्त सूत्र - रीयल लाईफ के पति पत्नी हैं इस फिल्म के नायक नायिका.

सवाल १ - किस हास्य अभिनेता की आवाज़ में है ये गीत - १ अंक
सवाल २ - इन्होने एक पुरुष युगल गीत भी गाया था एक अन्य फिल्म में, कौन सी थी ये फिल्म - २ अंक
सवाल ३ - सवाल २ में पूछे गए युगल गीत में इनका साथ निभाया था विलेन और चरित्र भूमिकाओं में नज़र आने वाले एक और कलाकार ने, कौन हैं ये बूझिये ज़रा - ३ अंक

पिछली पहेली का परिणाम -
वाह अनजाना जी एक आगे निकल आये हैं, ये एक अंक निर्णायक हो सकता है. प्रतीक जी सही जवाब आपका भी

खोज व आलेख- सुजॉय चटर्जी



इन्टरनेट पर अब तक की सबसे लंबी और सबसे सफल ये शृंखला पार कर चुकी है ५०० एपिसोडों लंबा सफर. इस सफर के कुछ यादगार पड़ावों को जानिये इस फ्लेशबैक एपिसोड में. हम ओल्ड इस गोल्ड के इस अनुभव को प्रिंट और ऑडियो फॉर्मेट में बदलकर अधिक से अधिक श्रोताओं तक पहुंचाना चाहते हैं. इस अभियान में आप रचनात्मक और आर्थिक सहयोग देकर हमारी मदद कर सकते हैं. पुराने, सुमधुर, गोल्ड गीतों के वो साथी जो इस मुहीम में हमारा साथ देना चाहें हमें oig@hindyugm.com पर संपर्क कर सकते हैं या कॉल करें 09871123997 (सजीव सारथी) या 09878034427 (सुजॉय चटर्जी) को

फेसबुक-श्रोता यहाँ टिप्पणी करें
अन्य पाठक नीचे के लिंक से टिप्पणी करें-

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

5 श्रोताओं का कहना है :

अमित तिवारी का कहना है कि -

3. sujith kumar

Anjaana का कहना है कि -

Aaj mere yaar ki shadi hai (Aadmi Sadak Ka)

शरद तैलंग का कहना है कि -

deven verma

Prateek Aggarwal का कहना है कि -

Shatrughan Sinha

अमित तिवारी का कहना है कि -

sawal no 3 main gaana gaya hai Mohd Rafi / Ravi aur Deven Verma ne.

Ravi ne apni aawaz Sujith Kumar ko dee hai jinhone bahut si hindi movies main khalnayak aur charitra abhineta ki bhoomika kari hai

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

संग्रहालय

25 नई सुरांगिनियाँ

ओल्ड इज़ गोल्ड शृंखला

महफ़िल-ए-ग़ज़लः नई शृंखला की शुरूआत

भेंट-मुलाक़ात-Interviews

संडे स्पेशल

ताजा कहानी-पॉडकास्ट

ताज़ा पॉडकास्ट कवि सम्मेलन