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मुझे दर्दे दिल क पता न था....मजरूह साहब की शिकायत रफ़ी साहब की आवाज़ में - Sajeev

इतनी बड़ी ये दुनिया जहाँ इतना बड़ा मेला....पर कोई है अकेला दिल, जिसकी फ़रियाद में एक हँसी भी है उपहास की - Sajeev

"जय दुर्गा महारानी की" - क्या आपने पहले कभी सुनी है संगीतकार चित्रगुप्त की गाती हुई आवाज़? - Sajeev

बलमा माने ना बैरी चुप ना रहे....चित्रगुप्त का रचा एक और चुलबुला नगमा - Sajeev

जाग दिल-ए-दीवाना.... चित्रगुप्त के संगीत में जागी है आवाज़ रफ़ी साहब की - Sajeev

दगा दगा वई वई वई....चित्रगुप्त और लता ने रचा एक ऐसा गीत जिसे सुनकर कोई भी झूम उठे, कदम थिरक उठे - Sajeev

दो दिल धड़क रहें हैं और आवाज़ एक है....आशा और तलत ने आवाज़ मिलाई आवाज़ से - Sajeev

दिल का दिया जला के गया ये कौन मेरी तन्हाई में...संगीतकार चित्रगुप्त ने रचा था इस मधुर गीत को - Sajeev

लागी नाही छूटे रामा...लता तलत का गाया एक मधुर भोजपुरी गीत - Sajeev

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