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सावन के बादलों उनसे जा कहो...रिमझिम फुहारों के बीच विरह के दर्द में भींगे जोहरा बाई और करण दीवान के स्वर - Sajeev

मोहब्बत में कभी ऐसी भी हालत पायी जाती है.....और मोहब्बत के भेद बताते बताते यूं हीं एक दिन अचानक सहगल साहब अलविदा कह गए - Sajeev

मधुकर श्याम हमारे चोर.....आज उनकी जयंती पर हम याद कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के पहले सिंगिंग स्टार के एल सहगल को - Sajeev

हम इश्क़ के मारों को दो दिल जो दिए होते....एक और खूबसूरत ख्याल सुर्रैय्या की खनकती आवाज़ में - Sajeev

पंछी जा पीछे रहा बचपन मेरा....एक कोशिश ओल्ड इस गोल्ड की अमर गायिका सुर्रैया की यादों को ताज़ा करने की - Sajeev

तारे वो ही हैं, चाँद वही है, हाये मगर वो रात नहीं है....दर्द जुदाई का और लता की आवाज़, और क्या चाहिए रोने को - Sajeev

अखियाँ मिलके जिया भरमा के चले नहीं जाना...जोहराबाई अंबालेवाली की आवाज़ थी जैसे कोई जादू - Sajeev

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