हरिहर झा का काव्य-पाठ (Kavya-Paath of Harihar Jha)
होली के अवसर पर कैनबरा रेडियो (कैनबरा, ऑस्ट्रेलिया) पर हिन्द-युग्म के कवि हरिहर झा का काव्य-पाठ प्रसारित हुआ, जिसकी रिकॉर्डिंग हमें प्राप्त हो गई है। आप भी सुनें और बतायें कैसा लगा?
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Kavya-path of Harihar Jha on Radio Canberra


दिनांक ८/७/२००९ से १४/७/२००९, मदन मोहन साहब की पुण्यतिथि तक हर शाम सुनिए/पढिये मदन साहब के स्वरबद्ध कुछ बेमिसाल गीत सिर्फ ओल्ड इस गोल्ड पर.
पंकज अवस्थी के आरोपों को निरस्त करते हुए संगीतकार प्रीतम चकवर्ती ने कहा है कि फिल्म न्यू यार्क का गीत "है जूनून" किसी अन्य गीत की नक़ल नहीं है. हालाँकि यशराज फिल्म्स के आग्रह पर पंकज ने अपने आरोप वापस तो ले लिए, पर तब तक क्षति घट चुकी थी और इन्टरनेट पर प्रीतम के खिलाफ पर्याप्त सामग्रियां पोस्ट हो चुकी थी. प्रीतम ने कहा कि वो इन आरोपों से बेहद दुखी हुए हैं, उन्होंने कहा -"यदि मैं कहीं से प्रेरित हुआ होता तो मैं खुले-आम उसे स्वीकार करने से भी नहीं हिचकता. जैसा कि फिल्म रेस के मामले में हुआ था. मैं अपने संगीत की कसम खाकर कह सकता हूँ कि ये गीत मेरा ओरिजनल है." अब प्रीतम जी इतना कह रहे हैं तो मानना ही पड़ेगा भाई.

पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का मई 2009 अंक


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5 श्रोताओं का कहना है :
टोटल चुतियापा है, और कुछ भी नहीं. समय खराब हुआ हमरा और इस रेडियो की साख गिरी हमारी नजर में.
-अविनाश दास रिपोर्टिंग-मोहल्ला से.
और anonymous जी, इसके बाद भी आपने
टीप्पणी के लिये अलग से समय निकाला
इसके लिये धन्यवाद!
Anonymous जी ! आप चाहें तो पहले दोनो
कवितायें ठीक से पढ़ लीजिये
मदिरा ढ़लने पर
http://www.hindinest.com/kavita/2005/101.htm
व्यंग्य कविता "अंधेरा"
http://hariharjhahindi.wordpress.com/2007/02/14/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%be/
पर आपकी भाषा हमें कुछ और ही बता रही है।
बहुत अच्छा हरिहर जी |
क्या होगा ? क्या होगा ?
बहुत अच्छा लगा |
Anonymous जी, कविता आदि आप के लिए नही है |
किसी दूसरे जगह जाए | भगवान् आपका भला करे |
अवनीश तिवारी
हरिहर जी ,
हमें तो बहुत भाया आपकी आवाज़ में आपकी कविताएँ सुनना , मदिरा ढलने पर वाली कविता विशेष रूप से अच्छी लगी , बधाई
^^पूजा अनिल
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