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माँ ही गंगा...जात्रागान शैली का ये गीत नीरज की कलम से - Sajeev

श्याम रंग रंगा रे...येसुदास के पावन स्वरों से महका एक गीत - Sajeev

धितंग धितंग बोले, मन तेरे लिए डोले....सलिल दा की ताल पर - Sajeev

साजन की हो गयी गोरी...सुन्दर बाउल संगीत पर आधारित देवदास की अमर गाथा से ये गीत - Sajeev

सुन री पवन, पवन पुरवैया.. भटयाली संगीत की लहरों में बहाते बर्मन दा - Sajeev

संग मेरे निकले थे साजन....आज लीजिए नेपाली लोक धुन से प्रेरित ये गीत - Sajeev

जाने क्या है जी डरता है...असम के चाय के बागानों से आती एक हौन्टिंग पुकार - Sajeev

जब से तूने बंसी बजाई रे....भूपेन हजारिका का स्वरबद्ध एक मधुर गीत - Sajeev

फूले बन बगिया, खिली कली कली....बिहु रंग रंगा ये सुरीला गीत - Sajeev

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