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तुम मेरी जिंदगी में तूफ़ान बन कर आये.....कहीं लता जी का इशारा चितलकर पर तो नहीं था ? - Sajeev

झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए....मगर लता जी से भी तो चूक हो गयी यहाँ - Sajeev

जो उनकी तमन्ना है बर्बाद हो जा....राजेन्द्र कृष्ण और एल पी के साथ मिले रफ़ी साहब और बना एक बेमिसाल गीत - Sajeev

ये रास्ते हैं प्यार के.....जहाँ कभी कभी "प्रेरणा" भी काम आती है - Sajeev

पल पल दिल के पास तुम रहती हो....कुछ ऐसे ही पास रहते है कल्याणजी आनंदजी के स्वरबद्ध गीत - Sajeev

चंदनिया नदिया बीच नहाए, वो शीतल जल में आग लगाए...लोक रंग में रंग ये गीत कलमबद्ध किया राजेंद्र कृष्ण ने - Sajeev

वो भूली दास्ताँ लो फिर याद आ गयी....और फिर याद आई संगीतकार मदन मोहन की - Sajeev

मेरा दिल ये पुकारे आजा.....तड़पती नागिन की पुकार लता के स्वर में... - Sajeev

एक चतुर नार करके शृंगार - ऐसी मस्ती क्या कहने... - Sajeev

आंसू समझ के क्यों मुझे आँख से तुमने गिरा दिया... - Sajeev

एक मंजिल राही दो, फिर प्यार न कैसे हो.... - Sajeev

चुप चुप खड़े हो ज़रूर कोई बात है...पहली मुलाकात है जी...पहली मुलाकात है... - Sajeev

ऐ दिल मुझे बता दे...तू किस पे आ गया है... - Sajeev

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